ओ मैया तने का ठानी रे मन में Lyrics in Hindi | O Maiya Tene Ka Thani Man Mein Lyrics

ओ मैया तने का ठानी रे मन में Lyrics in Hindi | O Maiya Tene Ka Thani Man Mein Lyrics

आज हम विख्यात संगीतकार रविंद्र जैन द्वारा रामायण में गायी गई गीत की लिरिक्स आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं, जिसमें जब माता कैकेयी राजा दशरथ से राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांग कर भगवान श्री रामचंद्र जी को वन में भेज देती है। जिस पर पूरी अयोध्या उनसे यह प्रश्न करती है कि मैया तूने अपने मन में क्या ठान लिया। जिसके कारण राम, सीता और लक्ष्मण को वन में भेज दिया। इस गाने के माध्यम से दर्शाया गया है। जिसका शीर्षक है : “मैया तैने का ठानी मन में राम सिय भेज दएरी बन में” (O Maiya Tene Ka Thani Man Mein Lyrics)

SongO Maiya Tene Ka Thani Man Mein
SeriesRamayan
SingerRavindra jain
LanguageHindi

O Maiya Tene Ka Thani Man Mein Lyrics :

ओ मैया तैने का ठानी मन में
राम सिय भेज दएरी बन में ।।२।।

हाय रे तैने का ठानी रे मन में
राम सिय भेज दएरी बन में ।।२।।

Music….

यद्यपि भारत तेरो ही जायो
यद्यपि भारत….
यद्यपि भारत तेरो ही जायो
तेरी करनी देख लजायों
आपनो पद तैने आप गवायो
भरत की नजरन में
राम सिय भेज दएरी बन में।

हठीली तैने का ठानी रे मन में
राम सिय भेज दएरी बन में ।।२।।

Music….

महल छोड़ वहां नहीं रे मरईयॉ
महल छोड़ …..
महल छोड़ वहां नहीं रे मरईयॉ
सिया सुकुमारी संग दोऊ भैया
काहू वृक्ष तर भीजत होंगे
तीनों मेहन में
राम सिय भेज दई री बन में।

दीवानी तैने का ठानी मन में
राम सिय भेज दएरी बन में ।।२।।

Music….

कौशल्या की छीन गई बानी
कौशल्या की…..
कौशल्या की छीन गई बानी
रोए ना सकी उर्मिल दीवानी
कैकेयी बस तू एक ही रानी
रह गई महलन में
राम सिय भेज दई री बन में।

दीवानी तैने का ठानी मन में
राम सिय भेज दएरी बन में ।।२।।

Maiya Tene ka Thani Man Mein Bhajan :

हमें पूर्ण विश्वास है, रविंद्र जैन द्वारा लिखी और गायी गई “मैया तैने का ठानी मन में” (O Maiya Tene Ka Thani Man Mein Lyrics) गीत आपको अवश्य ही पसंद आई होगी। यदि आप किसी अन्य गाने पर लिरिक्स चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। रविंद्र जैन द्वारा लिखी गई, इस मनमोहक संगीत को अपने दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए नीचे दिए गए व्हाट्सएप फेसबुक आदि बटनो का प्रयोग करें।
अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद

Sarvagya Chaudhari

नमस्कार, मैं आपका मित्र सर्वज्ञ चौधरी हूँ। मुझे कुछ नया और बेहतर लिखना पसंद है। हमारी यही कोशिश रहती है, की हम आप तक अच्छी से अच्छी सेवाएं पहुंचा सकें। जिससे आप पूरी तरह संतुष्ट हो सके और आपको हमारी ओर से प्रसन्नता प्राप्त हो। अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका ह्रदय से बहुत-बहुत धन्यवाद।

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