राम भक्त ले चला रे राम की निशानी | Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani Lyrics in Hindi

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी | Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani Lyrics in Hindi

SongRam Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani
SingerRavindra Jain
SeriesRamayan
LanguageHindi

भरत जी श्री रामचंद्र जी को अयोध्या वापस ले जाने के लिए जंगल में आते हैं, तथा विभिन्न प्रकार से रामचंद्र जी को मनाने की कोशिश करते हैं, परंतु श्री राम अपने पिता के वचन अनुसार अपना पुत्र धर्म निभाते हुए अयोध्या जाने से मना कर देते हैं। तब भरत जी राम जी से एक आग्रह करते हैं कि हे प्रभु यदि आप अयोध्या नहीं चलेंगे तो मुझे आप अपना खड़ाऊँ दे दीजिए, जिससे मैं राज सिंहासन पर रखकर आपके राज्य की सेवा करूंगा। भरत जी के इस प्रेम को देखकर श्री राम जी बहुत प्रसन्न होते है, और अपना खड़ाऊँ उतारकर भरत जी को दे देते हैं। भरत जी उसे रामजी की निशानी समझकर अपने सिर पर रख करके अयोध्या वापस लौट जाते हैं इस दृश्य को महान संगीतकार रविंद्र जैन ने अपने संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया है। जिसके बोल इस प्रकार है : “राम भक्त ले चला रे राम की निशानी” (Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani Lyrics)

Ram Bhakt Le Chala Re Lyrics :

प्रभु कर कृपा पावरी दीन्ही
सादर भरत शीश धरि लीन्ही।।

राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।
शीश पर खड़ाऊ अंखियों में पानी
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।

शीश खड़ाऊ ले चला ऐसे
राम सिया जी संग हो जैसे
अब इनकी छांव में रहेगी राजधानी
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।

पल चिन्ह लागे सदियों जैसे
चौदह बरस कटेंगे कैसे
जाने समय क्या खेल रचेगा
कौन मरेगा कौन बचेगा
कब रे मिलन के फूल खिलेंगे
नदियॉ के दो फूल मिलेंगे
जी करता है यहीं बस जाएं
हिलमिल चौदह वर्ष बिताए
राम बिन कठिन है एक घड़ी बितानी
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।

तन मन वचन उमगी अनुरागा
धीर धुरंधर धीरज त्यागा
भावना में बह चले धीर-वीर ज्ञानी
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।

शीश पर खड़ाऊ अंखियों में पानी
राम भक्त ले चला रे राम की निशानी ।।२।।

Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani Song :

हमें पूर्ण विश्वास है, रविंद्र जैन द्वारा लिखी और “राम भक्त ले चला रे राम की निशानी” (Ram Bhakt Le Chala Re Ram Ki Nishani Lyrics) आपको अवश्य ही पसंद आई होगी। यदि आप किसी अन्य गाने पर लिरिक्स चाहते हैं, तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। रविंद्र जैन द्वारा लिखी गई, इस मनमोहक संगीत को अपने दोस्तों के साथ शेयर करने के लिए नीचे दिए गए व्हाट्सएप, फेसबुक आदि बटनो का प्रयोग करें।
अपना बहुमूल्य समय देने के लिए आपका हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद

Sarvagya Chaudhari

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